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नई वाचा

हमारे अनुभव में नई वाचा और पुरानी वाचा में क्या अंतर है ? आगे पढ़ें  »

मलकिचेदेक की याजक पद

मलिकिसिदक, लेवीय और अन्य याजक पद की तुलना। आगे पढ़ें  »

मूसा और पुत्रत्व का मार्ग

मूसा के जीवन से महत्वपूर्ण बातें सिखी जा सकती हें, जैसे मूसा और यीशु के जीवन में बहुत सारी समानताएँ हैं। पुत्रत्व के लिए बुलाए गए लागों को उसी मार्ग पर चलना पडेगा। आगे पढ़ें  »

चार जीवित प्राणी

ख्रीष्‍ट के शरीर (कलिसीया) के प्रकाश। आगे पढ़ें »

मैं हूं

चौथे जीवित प्राणी। आगे पढ़ें  »

पुनर्स्थापन का वर्ष

धर्मशास्त्र मे जुबली वर्ष का अर्थ क्या है और हमारे लिये आज इसका महत्व क्या है? आगे पढ़ें  »

बेबीलोन

धर्मशास्त्र में उल्लिखीत बाबेल और बेबीलोन का अध्ययन। परमेश्वर के सच्चे मण्डली और मानव निर्मित शैतान प्रेरित नकली मण्डली के बीच की भिन्नता। आगे पढ़ें  »

परमेश्वर का नाम और यीशु का नाम

परमेश्वर के नाम ‘यहोवा’ और ‘यीशु’ के नाम पर एक नयी दृष्टि। आगे पढ़ें  »

चिह्न और आश्चर्य कर्म

यिशु के इन शब्दों की व्याख्या कि उनके अनुयायी यीशु के द्वारा किये गये कामों से भी महान् काम करेंगे और झूठे चिह्नों के विषय में जानकारी एवम् उनसे अपने आपको सुरक्षित रखने के उपाय। आगे पढ़ें  »

सामरी स्‍त्री

बाइबल के कहानियों से हम लोग कुछ नयी शिक्षायें पाते हैं। परमेश्‍वर को स्‍वाभाविक रूप में पूजने और आत्‍मा में पूजने में आकाश और पृथ्‍वी का अन्‍तर हैं। आगे पढ़ें  »

यीशु को समझन

निकुदेमुस, फरिसी लोग, उनके माता पिता, उनके चेले, किसीने भी यीशु को नही समझा। क्या हम उन्हें अच्छी तरह समझ पाये हैं? आगे पढ़ें  »

विश्वव्यापी मिलाप

विश्वास नहीं करने वाले लोग सदा के लिए अग्निकुण्ड में रहेंगे या अन्त में उनका भी उद्धार किया जाएगा आगे पढ़ें  »

धर्मशास्त्र और परमेश्वर का वचन

परमेश्वर के वचन का अर्थ बाइबल है कि और कुछ? आगे पढ़ें  »

अच्छा चरवाहा

बाइबल के समय के और वर्तमान के अच्छे और बुरे चरवाहा। आगे पढ़ें  »

शाऊल और दाऊद

इजराइल देश के इन दो राजाओं का परमेश्वर और मनुष्यों से किए गये व्यवहार से बहुत कुछ सिखा जा सकता है। आगे पढ़ें  »

६६६ और ८८८

६६६ के विषय में तो सबों ने सुना है लेकिन ८८८ का अर्थ क्या है? इन दोनों अंकों में छुपे हुए अर्थ बुझाने का एक प्रयास़। आगे पढ़ें  »

प्रभु का आगमन

क्या यह जल्द ही होने वाला है? इस विषय पर उल्लेखित बाइबल के विभिन्न पद फिर से देखते हैं। आगे पढ़ें  »

इस्राएल के पर्व

इस्राएल के पर्व और उनके आत्मिक अर्थ। आगे पढ़ें  »